तनुकरण कैलकुलेटर

C1V1=C2V2 सूत्र से घोल का तनुकरण निकालें। आरंभिक सांद्रता और आयतन दर्ज करें और आवश्यक घोल मात्रा तथा अंतिम सांद्रता सटीक रूप से ज्ञात करें, प्रयोगशाला हेतु आदर्श।

उपयोग कैसे करें

  1. डेटा दर्ज करें

    इनपुट फ़ील्ड में आवश्यक मान दर्ज करें।

  2. सेटिंग्स समायोजित करें

    उपयुक्त विकल्प और सेटिंग्स चुनें।

  3. परिणाम देखें

    तुरंत परिणाम पाने के लिए गणना करें क्लिक करें।

तनुकरण क्या है?

तनुकरण (dilution) किसी सांद्र घोल में विलायक (आमतौर पर आसुत जल) मिलाकर प्रति इकाई आयतन विलेय की मात्रा, यानी सांद्रता घटाने की प्रक्रिया है। मुख्य बात यह है कि विलायक मिलाने पर भी विलेय की निरपेक्ष मात्रा नहीं बदलती। केवल कुल आयतन बढ़ता है, इसलिए उतनी ही विलेय मात्रा अधिक बड़े स्थान में फैल जाती है और सांद्रता घट जाती है।

इसका उपयोग कहाँ होता है?

  • प्रयोगशाला: मूल घोल (stock solution) से वांछित कार्यकारी सांद्रता का घोल तैयार करते समय
  • चिकित्सा एवं क्लिनिक: इंजेक्शन और अभिकर्मकों को निर्धारित सांद्रता पर समायोजित करते समय
  • रासायनिक एवं पर्यावरणीय विश्लेषण: नमूना बहुत अधिक सांद्र होकर मापन सीमा से बाहर हो जाने पर चरणबद्ध तनुकरण

यह कैलकुलेटर प्रारंभिक सांद्रता (C1), प्रारंभिक आयतन (V1), अंतिम सांद्रता (C2) और अंतिम आयतन (V2) में से तीन मान दर्ज करने पर शेष एक स्वतः निकाल देता है, और साथ ही बताता है कि कितना विलायक और मिलाना है।

गणना सूत्र

तनुकरण का मूल सिद्धांत C1 × V1 = C2 × V2 है। दोनों पक्ष 'विलेय की मात्रा' को दर्शाते हैं, इसलिए तनुकरण से पहले और बाद में यह मान संरक्षित रहता है।

  • C1: प्रारंभिक (तनुकरण से पहले) सांद्रता
  • V1: प्रारंभिक आयतन = प्रयुक्त मूल घोल की मात्रा
  • C2: अंतिम (तनुकरण के बाद) सांद्रता
  • V2: अंतिम आयतन

उदाहरण गणना

यदि आप 10M मूल घोल से 2M घोल बनाना चाहते हैं और 50mL मूल घोल लेते हैं, तो अंतिम आयतन V2 = C1 × V1 / C2 = 10 × 50 / 2 = 250mL होगा। अतः मिलाने वाला विलायक V2 - V1 = 250 - 50 = 200mL होगा। परंतु C1 और C2 तथा V1 और V2 की इकाइयाँ अलग-अलग समान होनी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तनुकरण क्या है?
तनुकरण (dilution) किसी घोल में विलायक (आमतौर पर पानी) मिलाकर सांद्रता घटाने की प्रक्रिया है। विलेय की कुल मात्रा अपरिवर्तित रहती है और केवल कुल आयतन बढ़ता है, इसलिए सांद्रता घट जाती है।
तनुकरण सूत्र C1V1=C2V2 क्या है?
C1V1=C2V2 बताता है कि तनुकरण से पहले सांद्रता (C1) × आयतन (V1), तनुकरण के बाद सांद्रता (C2) × आयतन (V2) के बराबर होता है। यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि विलेय की मात्रा नहीं बदलती, इसलिए चार में से तीन मान ज्ञात होने पर शेष एक निकाला जा सकता है।
मिलाने वाले विलायक की मात्रा कैसे निकालें?
मिलाने वाले विलायक की मात्रा पाने के लिए अंतिम आयतन (V2) में से प्रारंभिक आयतन (V1) घटाएँ। उदाहरण के लिए यदि V2 = 250mL और V1 = 50mL है, तो 250 - 50 = 200mL विलायक (पानी) मिलाएँ।
क्या मोलरता और प्रतिशत सांद्रता दोनों उपयोग कर सकते हैं?
हाँ, आप मोलरता (M), द्रव्यमान प्रतिशत (%), आयतन प्रतिशत (v/v%) जैसी कोई भी सांद्रता इकाई उपयोग कर सकते हैं। परंतु परिणाम सटीक होने के लिए C1 और C2 एक ही इकाई में तथा V1 और V2 एक ही इकाई में होने चाहिए।
क्या इकाइयाँ अनिवार्य रूप से समान करनी चाहिए?
हाँ। चूँकि समीकरण के दोनों ओर इकाइयाँ कट जाती हैं, यदि C1 और C2 की सांद्रता इकाइयाँ भिन्न हों या V1 और V2 की आयतन इकाइयाँ (mL, L) भिन्न हों तो परिणाम गलत होगा। मान दर्ज करने से पहले इकाइयाँ समान करें।
क्रमिक तनुकरण (Serial Dilution) कैसे निकालें?
क्रमिक तनुकरण में हर चरण पर C1V1=C2V2 बार-बार लगाया जाता है। उदाहरण के लिए लगातार तीन बार 1:10 तनुकरण करने पर अंतिम तनुकरण गुणक 1:1000 हो जाता है, जो सूक्ष्म सांद्रता को सटीकता से बनाने में उपयोगी है।
तनुकरण गुणक (dilution factor) कैसे निकालें?
तनुकरण गुणक अंतिम आयतन को प्रारंभिक आयतन से भाग देने पर (V2/V1) मिलता है, जो सांद्रता अनुपात (C1/C2) के भी बराबर है। उदाहरण के लिए 50mL को 250mL तक तनु करने पर गुणक 5 होता है, यानी सांद्रता घटकर 1/5 रह जाती है।
अम्ल तनु करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल जैसे प्रबल अम्लों को तनु करते समय हमेशा 'अम्ल को धीरे-धीरे पानी में डालना' चाहिए। उल्टा करने पर ऊष्मा निकलने से घोल छिटक सकता है, जो खतरनाक है। गणना मूल्यों के अलावा प्रयोगशाला सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें।
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